आकाशवाणी.इन
कोरबा, 18 अप्रैल 2026/ छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के लिए पुलिस लाइन में शुक्रवार को भव्य संयुक्त फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में जिला पुलिस, फायर एंड सेफ्टी नगर सेना, बालको फायर सेफ्टी और विद्युत विभाग (CSEB) ने मिलकर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य आगजनी और विद्युत दुर्घटनाओं जैसी घटनाओं में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना था.
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन में आयोजित इस मॉक ड्रिल में गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति, फायर एक्सटिंग्विशर (ड्राई पाउडर और CO₂) के सही उपयोग, भवनों में आग लगने पर सुरक्षित निकासी (इवैक्युएशन) और धुएं से बचाव के उपायों का लाइव प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही विद्युत विभाग के अधिकारियों ने शॉर्ट सर्किट, करंट और बिजली उपकरणों में आग लगने की स्थिति में बचाव के महत्वपूर्ण तरीके बताए.
मॉक ड्रिल में पुलिस लाइन में रहने वाले पुलिस परिवारों और आम नागरिकों को भी शामिल किया गया। उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर आगजनी की घटनाओं के दौरान घबराने के बजाय सतर्क रहकर सही कदम उठाने के लिए प्रेरित किया गया। इससे लोगों में फायर सेफ्टी और विद्युत सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी.
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक कार्यालय में चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों के साथ सुरक्षा बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में दुकानों, प्रतिष्ठानों और औद्योगिक इकाइयों में फायर सेफ्टी उपकरण अनिवार्य रूप से लगाने, सुरक्षा मानकों का पालन करने और नियमित सुरक्षा जांच कराने पर जोर दिया गया। साथ ही आगजनी की घटनाओं से बचाव के लिए जरूरी सावधानियों की जानकारी भी साझा की गई.
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों और संस्थानों में अग्निशामक यंत्र रखें, बिजली उपकरणों का सुरक्षित उपयोग करें और ओवरलोडिंग से बचें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना देने के निर्देश भी दिए गए। कर्मचारियों और परिवारजनों को बेसिक फायर सेफ्टी प्रशिक्षण देने की सलाह दी गई.
इस मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले, नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी और नगर सेना के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के मॉक ड्रिल से न केवल विभागीय समन्वय मजबूत होता है, बल्कि आम नागरिकों में भी सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ती है.
कोरबा में आयोजित इस संयुक्त फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल ने यह साबित किया कि जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभाग किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और नागरिकों की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयासरत हैं.