आकाशवाणी.इन
कोरबा,17 अप्रैल 2026/ कोरबा स्थित कोल माइंस गेवरा प्रोजेक्ट में कार्यरत ठेका कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड के खिलाफ स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मोर्चा खोल दिया है। जिला पंचायत सदस्य एवं संचार-संकर्म समिति सभापति विनोद कुमार यादव तथा पार्षद सुजीत ने कोल माइंस गेवरा क्षेत्र के महाप्रबंधक को पत्र सौंपकर कंपनी पर श्रमिक शोषण, स्थानीय युवाओं की उपेक्षा और नियमों के उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि पांच दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कंपनी का काम बंद कराया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कोल माइंस प्रबंधन, प्रशासन और कंपनी की होगी.
21 मार्च 2026 को दिए गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड पिछले पांच महीनों से मिट्टी और कोयला उत्खनन कार्य कर रही है, लेकिन कंपनी द्वारा कर्मचारियों से जुड़ी आवश्यक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। ड्राइवर, सुपरवाइजर, मशीन ऑपरेटर और हेल्पर सहित कर्मचारियों की नाम-पते वाली सूची तक उपलब्ध नहीं कराई गई है.
स्थानीय बेरोजगार युवाओं ने भी आरोप लगाया है कि प्रभावित गांवों के युवाओं को रोजगार देने के बजाय बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे क्षेत्र में नाराजगी बढ़ती जा रही है। पत्र में यह भी कहा गया है कि कंपनी द्वारा कोयला उत्खनन कार्य में लगे ड्राइवरों को निर्धारित एचपीसी दर के अनुसार भुगतान नहीं किया जा रहा है। कर्मचारियों से 12-12 घंटे तक काम लिया जा रहा है और विरोध करने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। कुछ श्रमिकों ने मारपीट और दबाव बनाकर काम कराने जैसे आरोप भी लगाए हैं.
विनोद कुमार यादव और पार्षद सुजीत ने मांग की है कि कंपनी में कार्यरत सभी कर्मचारियों की सूची सार्वजनिक की जाए, स्थानीय प्रभावित युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाए तथा श्रम कानूनों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। मामले को लेकर सोमवार को बैठक बुलाई गई है। जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि यदि बैठक में संतोषजनक समाधान नहीं निकला तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। पत्र की प्रतिलिपि कलेक्टर कोरबा, एसडीएम कटघोरा, तहसीलदार दीपका और थाना प्रभारी हरदी बाजार दीपका को भी भेजी गई है.