विशेष संवाददाता, कोरबा, 24 मई 2026/छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी के हसदेव ताप विद्युत गृह (HTPP) पश्चिम आवासीय परिसर में चल रहा अवैध निर्माण का खेल अब बड़े प्रशासनिक गलियारों तक पहुँच गया है। सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, टाउनशिप की सरकारी जमीन B TIPE ऑफिसर कॉलोनी पर हो रहे इस स्थाई ‘पक्के’ बेजा कब्जे को सीधे तौर पर अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है. आवासीय परिसर की देखरेख, सुरक्षा और संपदा प्रबंधन की अंतिम जिम्मेदारी सिविल विभाग के उच्च अधिकारियों की होती है. जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी की नाक के नीचे यदि कॉलोनी परिसर में ईंट, सीमेंट और कंक्रीट के पक्के ढांचे खड़े किए जा रहे हैं, तो यह सीधे तौर पर उनके संरक्षण को प्रमाणित करता है.
कच्चा नहीं, पक्का निर्माण: बताया जा रहा है कि सीनियर क्लब में समिति की ओर से कार्यरत क्लब बॉय ही कब्जेदार है जो बिना किसी डर के बकायदा पक्के मकान का निर्माण कर रहा है. जो भविष्य में इन्हें हटाने की कार्रवाई को और पेचीदा बना देगा.
सिविल विभाग की संलिप्तता: पूरी कॉलोनी का रखरखाव करने वाला सिविल विभाग इस मामले में पूरी तरह तमाशाबीन बना हुआ है, जिससे भ्रष्टाचार की बू आ रही है.
इस पूरे मामले में जब अतिरिक्त मुख्य अभियंता (Additional Chief Engineer) सहित सिविल विभाग के अधिकारियों से दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उनके द्वारा कॉल रिसीव नही किया, इससे यह प्रतीत होता है कि उच्च अचिकारी मीडिया को जवाब देने से बच रहे हैं.
इस संबंध में श्रमिक संगठन फेडरेशन 01 के महासचिव आर सी चेट्टी का कहना है कि लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारी अपने ही विभागीय आवासों की देख रेख नही कर पा रहे हैं तो अवैध कब्जे को कहाँ से देख पाएंगे, विभागीय जमीन पर वो भी कॉलोनी परिसर के भीतर अवैध पक्का कब्जा करना कानून गलत है इस पर तत्काल कार्यवाई होनी चाहिए.
अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि अपने ही विभाग के अधिकारियों के संरक्षण में हो रहे पक्के निर्माण को HTPP पश्चिम का उच्च प्रबंधन इस पर पर्दा डालने की कोशिश करता है या फिर निष्पक्ष कार्रवाई कर अपनी ईमानदारी का सबूत देता है.