कोरबा, 17 सितंबर 2026/कोरबा विकासखंड की दूरस्थ ग्राम पंचायत गिरारी के आश्रित ग्राम अमलीपारा में कभी गर्मी का मौसम अपने साथ सिर्फ तेज धूप और तपिश ही नहीं, बल्कि पानी की चिंता भी लेकर आता था। जैसे-जैसे तापमान बढ़ता, वैसे-वैसे गांव के लोगों की परेशानी भी बढ़ जाती थी। घर की जरूरतों के लिए ग्रामीणों को ढोढ़ी से पानी लाना पड़ता था। सुबह-शाम पानी जुटाने में घंटों समय और मेहनत लगती थी। इसका असर घर के कामकाज के साथ-साथ रोजी-रोटी पर भी पड़ता था.
लेकिन अब अमलीपारा की तस्वीर बदल गई है। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल कनेक्शन पहुंचने से ग्रामीणों के आंगन में ही पानी की धार पहुंच रही है। वर्षों से पानी के लिए संघर्ष कर रहे परिवारों के लिए यह बदलाव किसी बड़ी राहत से कम नहीं है.
गांव के लोहार दम्पति भारत लोहार और सुनीता लोहार की जिंदगी में भी इस बदलाव का सीधा असर दिखाई दे रहा है। भारत लोहार का काम लोहे को भट्ठी में गर्म कर उसे आकार देना और धार लगाना है। दिनभर आग की तपिश के बीच मेहनत करना उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। इसके बावजूद भारत बताते हैं कि गर्मी के दिनों में भट्ठी की आग से ज्यादा परेशानी पानी की कमी से होती थी.
पहले गर्मी शुरू होते ही पानी की समस्या बढ़ जाती थी। घर की जरूरतों के लिए ढोढ़ी तक जाना पड़ता था। पानी लाने में काफी समय लगता था और कई बार काम छोड़कर पानी की व्यवस्था करनी पड़ती थी। इससे उनके काम और आमदनी पर भी असर पड़ता था। अब घर में नल लगने से पानी के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ती.
भारत लोहार कहते हैं कि दिनभर आग के सामने बैठकर लोहे को गर्म करना उनके काम का हिस्सा है, लेकिन पानी की परेशानी अलग तरह की चिंता देती थी। अब घर के आंगन में नल से पानी आता है, जिससे परिवार को बड़ी राहत मिली है। पानी घर तक पहुंचने से समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है.
सुनीता लोहार के लिए भी यह बदलाव रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने वाला है। पहले सुबह और शाम पानी लाने में काफी समय निकल जाता था। परिवार के दूसरे सदस्यों को भी पानी जुटाने में मदद करनी पड़ती थी। अब घर में नल कनेक्शन होने के कारण बाहर जाकर पानी भरने की जरूरत नहीं पड़ती। नियमित पानी मिलने से घरेलू काम समय पर पूरे हो जाते हैं और बचा हुआ समय परिवार के दूसरे जरूरी कामों में लगाया जा सकता है.
अमलीपारा के ग्रामीण बताते हैं कि दूसरे मौसम में पानी की स्थिति कुछ बेहतर रहती थी, लेकिन गर्मी आते ही ढोढ़ी पर निर्भरता बढ़ जाती थी। पानी लाने के लिए दूरी तय करनी पड़ती थी और कई बार पानी की उपलब्धता को लेकर भी चिंता बनी रहती थी। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल पहुंचने के बाद यह परेशानी काफी हद तक दूर हुई है.
इस बदलाव का सबसे बड़ा असर महिलाओं की दिनचर्या में दिखाई दे रहा है। पहले पानी लाने में घंटों समय और शारीरिक मेहनत लगती थी। अब घर के आंगन में पानी उपलब्ध होने से वही समय बच्चों, परिवार और अन्य जरूरी कामों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। घर तक पेयजल पहुंचने से ग्रामीण परिवारों में सुविधा के साथ-साथ संतोष और सुरक्षा की भावना भी बढ़ी है.
अमलीपारा की कहानी इस बात की मिसाल है कि घर के आंगन तक पहुंचने वाली पानी की एक धार केवल प्यास नहीं बुझाती, बल्कि लोगों का समय, श्रम और चिंता भी कम करती है। कभी गर्मी आते ही पानी की तलाश में निकलने वाले भारत और सुनीता लोहार सहित गांव के अन्य परिवारों के लिए नल से आती पानी की धार अब बेहतर और आसान जीवन की उम्मीद बन गई है.
I’ve tried a few sites lately, but this one is surprisingly smooth. The games load fast and the payouts are legit. Definitely checking out jaya77slot again tonight!
I’ve tried a few sites lately, but this one is surprisingly smooth. The games load fast and the payouts are legit. Definitely checking out jaya77slot again tonight!