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धान खरीदी से पहले छत्तीसगढ़ में गरमाई सियासत: ‘आप’ जिला अध्यक्ष रिचर्ड डेविड लोगन ने खोला मोर्चा, बायोमेट्रिक अनिवार्यता खत्म करने और ₹3358 प्रति क्विंटल दाम की मांग

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आकाशवाणी.इन

कोरबा/रायपुर। छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू होने जा रही धान खरीदी से ठीक पहले सूबे की सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के कोरबा जिला अध्यक्ष रिचर्ड डेविड लोगन की अगुवाई में पार्टी ने किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिला अध्यक्ष रिचर्ड डेविड लोगन ने कलेक्टर के माध्यम से सूबे के कृषि मंत्री को एक तगड़ा मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा है, जिसमें डिजिटल फसल सर्वेक्षण (गिरदावरी) की जटिलताओं, बायोमेट्रिक अनिवार्यता और धान के दामों को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया गया है. 

पार्टी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसानों की मांगें पूरी नहीं हुईं, तो पूरे प्रदेश में उग्र धरना-प्रदर्शन किया जाएगा. 

धान का दाम ₹3358 करने और ₹150 बकाया बोनस देने की मांग

ज्ञापन सौंपते हुए आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष रिचर्ड डेविड लोगन ने केंद्र और राज्य सरकार के गणित को सामने रखते हुए धान के दाम बढ़ाने की मांग की.

₹3358 प्रति क्विंटल मिले दाम: ‘आप’ का कहना है कि केंद्र सरकार ने पिछले तीन सालों (2024 से 2026 तक) में धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में कुल 258 रुपये की बढ़ोतरी की है। राज्य सरकार के वर्तमान ₹3100 के वादे में इस बढ़ी हुई राशि को जोड़कर किसानों को ₹3358 प्रति क्विंटल का भुगतान किया जाना चाहिए.

₹150 प्रति क्विंटल की बकाया किश्त: पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल की ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ के तहत किसानों की ₹150 प्रति क्विंटल की अंतिम किश्त अभी भी लंबित है। पार्टी ने इस रुकी हुई राशि को तुरंत किसानों के खाते में ट्रांसफर करने की मांग की है.

तकनीकी पचड़ों में फंसे किसान: बायोमेट्रिक अनिवार्यता खत्म करने की मांग

जिला अध्यक्ष रिचर्ड डेविड लोगन ने धान खरीदी केंद्रों पर अनिवार्य किए गए बायोमेट्रिक (अंगूठे के निशान) सिस्टम का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में सर्वर ठप होने और नेटवर्क की भारी कमी रहती है। इसके अलावा, बुजुर्ग किसानों के फिंगरप्रिंट मैच न होने के कारण उन्हें केंद्रों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। किसानों की परेशानी को देखते हुए इस नियम को तत्काल निरस्त कर पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की गई है. 

पटवारी हड़ताल और रकबा संशोधन पर सरकार को चेतावनी

इस समय प्रदेश में गिरदावरी और रकबा संशोधन का काम ऐप के माध्यम से किया जा रहा है, लेकिन पटवारियों की हड़ताल के कारण जमीनी स्तर पर भारी तकनीकी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं. 

‘आप’ नेतृत्व ने प्रशासन को सख्त हिदायत देते हुए कहा है कि पिछले वर्ष रकबा संशोधन की विसंगतियों के कारण कुछ हताश किसानों ने आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया था। वैसी अप्रिय परिस्थिति इस वर्ष निर्मित नहीं होनी चाहिए। बिना किसान की स्पष्ट सहमति के रकबे में कोई छेड़छाड़ न की जाए। यदि रकबा त्रुटियों के कारण किसी किसान को नुकसान होता है या कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी. 

मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा राज्यव्यापी आंदोलन

15 नवंबर बेहद करीब है और अब तक सैकड़ों किसानों का पंजीयन और गिरदावरी का काम अधूरा पड़ा है। आम आदमी पार्टी के कोरबा जिला अध्यक्ष रिचर्ड डेविड लोगन ने दो टूक कहा है कि सरकार किसानों की अनदेखी बंद करे। यदि पटवारियों की हड़ताल खत्म कराकर तकनीकी दिक्कतों को दूर नहीं किया गया और किसानों को ₹3358 का दाम व बकाया राशि नहीं मिली, तो आम आदमी पार्टी सड़क पर उतरकर पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करेगी.

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