आकाशवाणी.इन
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड गेवरा परियोजना में पिछले कुछ दिनों से लगातार हादसे हो रहे हैं। इसके चलते प्रबंधन की मुश्किल बढ़ी हुई है। इन सबके बीच आज 9 मई शुक्रवार को तडक़े करीब 4 बजे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। ब्लाज कंपनी का भारी-भरकम डंपर (क्रमांक 4079 ), जिसकी क्षमता 150 टन बताई जा रही है गेवरा खदान के वेस्ट सेक्शन में अनियंत्रित होकर गहरे पानी में जा घुसा। गनीमत रही कि ऑपरेटर बाल-बाल बच गया। घटना के समय शिफ्ट इंचार्ज सील भद्र ड्यूटी पर मौजूद थे। आज हुए हादसे के कारण में बर्न की ऊंचाई कम होना बताया गया, खदान में डंपर जब अनलोड होता है, तो उसके आगे एक बर्न (मिट्टी की ऊंचाई) बनाई जाती है, जिससे डंपर नीचे ना गिरे लेकिन यहाँ उसकी ऊंचाई कम होने के कारण यह डंपर लगभग 12-15 फीट नीचे पानी में गिर गया। सूत्रों के अनुसार यह डंपर एसईसीएल के मेगा माइंस गेवरा खदान क्षेत्र का है। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा उपायों में लापरवाही की बात सामने आ रही है, जिससे यह हादसा हुआ। अगर ऑपरेटर समय रहते डंपर से नहीं कूदता तो बड़ा नुकसान हो सकता था। गेवरा खदान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर अब सवाल उठने लगे हैं। बताया गया कि लगभग 5 वर्ष पूर्व गेवरा खदान में ब्रह्मपुत्र साइड के पास इसी प्रकार की एक दुर्घटना में डंपर ऑपरेटर मालाकार की जान चली गई थी। जिसको लेकर काफी बवाल हुआ था.