आकाशवाणी.इन
आज सोमवार तड़के तिब्बत में आए 5.7 तीव्रता के भूकंप के झटके उत्तर प्रदेश और बिहार तक महसूस किए गए. आधी रात को लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए. हालांकि, अब तक किसी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
भूकंप का केंद्र 29.02°N अक्षांश और 87.48°E देशांतर पर स्थित था और इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर थी. यह इलाका हिमालयी भूगर्भीय क्षेत्र में आता है, जो अत्यधिक संवेदनशील माना जाता है और यहां अक्सर भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं.
यूपी-बिहार में दहशत का माहौल
उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती जिलों में अचानक आए झटकों से लोग नींद से जाग गए और आनन-फानन में घर छोड़कर बाहर आ गए. सोशल मीडिया पर कई लोगों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि किस तरह भूकंप के झटकों ने उन्हें डराया.
कोई जान-माल का नुकसान नहीं
फिलहाल राहत की बात यह है कि इस भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं. किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सतर्कता बरती जा रही है.
क्या होता है भूकंप का केंन्द्र?
जब धरती के भीतर स्थित टेक्टोनिक प्लेटों में हलचल होती है, तो उससे जो ऊर्जा निकलती है, वही भूकंप (Earthquake) का कारण बनती है. इस ऊर्जा का उत्सर्जन धरती के जिस अंदरुनी बिंदु से होता है, उसे भूकंप का केंद्र (Hypocenter) कहा जाता है. इसके ठीक ऊपर धरती की सतह पर स्थित स्थान को भूकंप का उपकेंद्र (Epicenter) कहते हैं. यही वह स्थान होता है जहां झटके सबसे ज्यादा महसूस किए जाते हैं.