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कलाधानी रायगढ़ में दो दिवसीय प्रांतीय शिक्षक सम्मेलन एवं शैक्षिक संगोष्ठी आयोजित
CG VSK APP के स्थान पर उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक डिवाइस की मांग
रायगढ़, 06 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के तत्वाधान में दो दिवसीय प्रांतीय शिक्षक सम्मेलन एवं शैक्षिक संगोष्ठी का भव्य आयोजन तीन-चार जनवरी को कलाधानी रायगढ़ में प्रमुख संगठन मंत्री ओंकार सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं प्रांत अध्यक्ष संजय सिंह ठाकुर के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इस समागम का मुख्य ध्येय राष्ट्रहित,शिक्षाहित, शिक्षार्थी हित एवं शिक्षक हित के चार पुरुषार्थों को केंद्र में रखकर शिक्षक समाज को राष्ट्र निर्माण की मुख्य धारा से जोड़ना था। दो दिनों तक चले इस वैचारिक कुंभ में प्रदेश भर के हजारों शिक्षक प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई कोरबा जिला से मानसिंह राठिया जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षकों ने भाग लिया ।उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता नारायण नामदेव पालक संघ अधिकारी ने शिक्षक केवल सूचनाओं का प्रदाता नहीं बल्कि चरित्र का निर्माता निरूपित करते हुए कहा जब तक शिक्षक आर्थिक और सामाजिक रूप से सुरक्षित नहीं होगा तब तक शिक्षार्थी और शिक्षा के व्यापक हितों की रक्षा नहीं कर पाएगा ।मानसिंह राठिया ने आगे बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति NEP 2020 पर प्राध्यापक आलोक शर्मा, बी.रघु उप सचिव माध्यमिक शिक्षा मंडल, डाइट प्राचार्य अनिल पैकरा ने प्रोजेक्टर के माध्यम से NEP 2020 पर सारगर्भित बयान देते हुए कहा की मुख्य बिंदु मातृभाषा, कौशल विकास और रटंत प्रणाली से मुक्ति । NEP 2020 भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने का ऐतिहासिक अवसर है ।
कार्यक्रम में समाज और राष्ट्र निर्माण में परिवर्तन विषय पर बौद्धिक चर्चा हुई इसमें पांच बिंदुओं पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह प्रांत कार्यवाह ने शिक्षकों के उत्तरदायित्व तय किये जिसमें स्वदेशी, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण , सामाजिक समरसता और नागरिक कर्तव्यों का पालन स्वयं और परिवार से करने का आग्रह किया।
समापन समारोह में ओ.पी.चौधरी मंत्री वित्त योजना आर्थिक सांख्यिकी, वाणिज्य कर विभाग छ.ग.शासन के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ इन्होंने छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के चार पुरुषार्थों में सबसे अंतिम शिक्षक हित के लिए शिक्षकों से कहा कि संघ पहले राष्ट्रहित अंतिम में अपना हित को रखा है इसके लिए धन्यवाद देते हुए वर्तमान शासकीय विद्यालयों के गिरते गुणवत्ता के लिए केवल एक अकेले शिक्षक को दोषी न ठहराते हुए समाज एवं नीति निर्धारकों को भी दोषी ठहराया और कहा कि वर्तमान शिक्षा को सुधार करने के लिए सामुदायिक सहभागिता पर जोर दिया.

उक्त सम्मेलन में आयोजित प्रांतीय महासभा की बैठक आयोजित कर शिक्षकों की समस्याएं सहायक शिक्षकों को तृतीय क्रमोन्नत वेतन मान, छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ प्रांतीय कार्यालय के लिए रायपुर में भूखंड, छत्तीसगढ़ शिक्षा आयोग का पुनर्गठन, भर्ती पदोन्नति नियम 2025 जो बनकर तैयार है यथाशीघ्र प्रकाशन, CG VSK APP के एक माध्यम से उपस्थित के स्थान पर प्रत्येक विद्यालय को बायोमेट्रिक डिवाइस प्रदान करना, शिक्षा विभाग में प्रभारवाद की समाप्ति, एल बी संवर्ग की सेवा गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से करना,RMSA के हाई स्कूल में संस्कृत विषय के व्याख्याता भृत्य ,लिपिक एवं स्वीपर पद को पुनर्जीवित करना, सहायक शिक्षक से पदोन्नत ग्रंथपाल के लिए नियम बनाकर राजपत्र में प्रकाशन मांगों को लेकर ध्यानाकृष्ट कराते हुए समाधान की अपेक्षा की गई.
उक्त अवसर पर कार्यकारी प्रांताध्यक्ष उमेश भारती गोस्वामी, महामंत्री मनोज राय,उप प्रांताध्यक्ष डॉ अशोक गुप्ता, संभागीय अध्यक्ष डॉ तरुण राठौर, संभागीय संगठन मंत्री शंकरदयाल साव, जिलाध्यक्ष मानसिंह राठिया, संभागीय उपाध्यक्ष राधारमण श्रीवास सचिव हबेलसिंह अघरिया, कोषाध्यक्ष छोटेलाल पटेल, संगठन मंत्री डी डी साहू,राजेश तिवारी,एफ एल साहू, गोरेलाल साहू,विनोद जायसवाल, गुलाबदास महन्त, चन्द्र कुमार चंद्रा, आर डी श्रीवास,रामनारायण राजवाड़े,छतराम राजवाड़े,कुमारेश गौतम, नंद कुमार पटेल,सुभाषचंद्र डडसेना, सुरेन्द्र कंवर के साथ भारी संख्या में शिक्षकों की उपस्थिति रही।
उक्ताशय की जानकारी जिलाध्यक्ष मानसिंह राठिया ने दी.