आकाशवाणी.इन
मुंगेली, 16 जनवरी 2026/ धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी, सुचारु एवं भ्रष्टाचारमुक्त बनाए रखने के लिए मुंगेली जिले में कलेक्टर कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में कस्टम मिलिंग में अनियमितता पाए जाने पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया है, वहीं 14 राइस मिलों को सील कर दिया गया है.
जांच के दौरान मुंगेली स्थित उपलेटा राइस मिल, नवागांव घुठेरा रोड स्थित नेशनल दाल मिल, पंडरिया रोड स्थित वर्धमान मिलिंग इंडस्ट्रीज, जैन राइस इंडस्ट्रीज एवं नवकार दाल उद्योग में कस्टम मिलिंग में गंभीर गड़बड़ी पाई गई, जिसके बाद धान जब्ती की कार्रवाई की गई।
इसी तरह नवागढ़ रोड स्थित दीपक राइस इंडस्ट्रीज एवं दीपक मिलिंग इंडस्ट्रीज में 198 क्विंटल से अधिक धान की कमी पाई गई, जबकि लोरमी रोड स्थित एसएस फूड में 1761 क्विंटल से अधिक धान की कमी उजागर हुई.
जिला खाद्य अधिकारी हुलेश डड़सेना ने बताया कि अनियमितता पाए जाने पर छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश एवं मोटर वाहन अधिनियम के तहत कुल 19 राइस मिलों पर कार्रवाई की जा रही है, जिनमें से 14 राइस मिलों को सील किया जा चुका है.
उन्होंने बताया कि राज्य शासन के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में मिलर्स द्वारा समितियों से धान उठाव का कार्य किया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए शासन द्वारा आईसीसीसी (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) का गठन किया गया है। इसके माध्यम से धान परिवहन में लगे वाहनों की जीपीएस ट्रैकिंग की जा रही है.
यदि कोई वाहन धान उठाव के बाद निर्धारित समय से अधिक एक ही स्थान पर रुकता है, मार्ग परिवर्तित करता है या निर्धारित क्षमता से अधिक धान का परिवहन करता है, तो इसकी सूचना कमांड कंट्रोल पोर्टल पर ऑनलाइन प्रदर्शित होती है। ऐसी स्थिति में जिला स्तर पर अधिकारी तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं.
अवैध धान भंडारण एवं परिवहन पर रोक लगाने के लिए जिले की सीमाओं और सभी चेक पोस्ट पर निगरानी और कड़ी कर दी गई है। संदिग्ध वाहनों की सघन जांच के साथ रात्रिकालीन गश्त भी की जा रही है। कोचियों और बिचौलियों के माध्यम से अवैध धान खपाने की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए जिले में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से खरीदी, भंडारण एवं परिवहन की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी.