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NTPC CSR की पहल से सुमेधा प्राथमिक शाला में जैविक खेती, बच्चों को मिला पौष्टिक मध्यान्ह भोजन

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आकाशवाणी.इन

कोरबा, 23 जनवरी 2026/ जिले NTPC की कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहल के तहत ग्राम सुमेधा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में जैविक खेती का सफल प्रयोग किया गया। विद्यालय परिसर में विकसित किचन गार्डन में उगाई गई ऑर्गेनिक सब्ज़ियों को विद्यार्थियों के मध्यान्ह भोजन में शामिल किया गया, जिससे बच्चों को शुद्ध, पौष्टिक और विटामिन युक्त भोजन उपलब्ध हो सका.

विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, जैविक खेती से तैयार सब्ज़ियाँ बच्चों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। इनमें किसी भी प्रकार के रासायनिक उर्वरक या कीटनाशक का प्रयोग नहीं किया गया, जिससे भोजन पूरी तरह सुरक्षित और प्राकृतिक रहा। मध्यान्ह भोजन में ताज़ी सब्ज़ियों के शामिल होने से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को भी सकारात्मक बढ़ावा मिला है.

इस पहल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वस्थ खानपान के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। बच्चों ने न केवल जैविक सब्ज़ियों का स्वाद चखा, बल्कि उन्हें यह भी बताया गया कि किस प्रकार प्राकृतिक तरीके से सब्ज़ियाँ उगाई जाती हैं। इससे बच्चों में खेती, पर्यावरण संरक्षण और संतुलित आहार के प्रति रुचि विकसित हो रही है.

कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का सराहनीय सहयोग रहा। शिक्षकों ने बच्चों को किचन गार्डन की देखभाल, पौधों की सिंचाई और जैविक खेती के महत्व के बारे में जानकारी दी। विद्यालय परिवार ने NTPC CSR की इस पहल की खुले दिल से प्रशंसा करते हुए इसे बच्चों के बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया.

शासकीय प्राथमिक शाला सुमेधा के प्रधान पाठक संजीव प्रताप सिंह ने बताया कि NTPC द्वारा जैविक खेती के लिए आवश्यक सभी सामग्री उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि NTPC के सहयोग और प्रेरणा से ही विद्यालय में बच्चों को ऑर्गेनिक सब्ज़ियों से बना गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन नियमित रूप से दिया जा रहा है। श्री सिंह ने आगे भी NTPC से इसी प्रकार सहयोग बनाए रखने का आग्रह किया.

प्रधान पाठक ने यह भी जानकारी दी कि आने वाले दिनों में विद्यालय परिसर में औषधीय पौधों का रोपण किया जाएगा, जिससे बच्चों को आयुर्वेदिक पौधों की पहचान और उनके उपयोग के बारे में भी जानकारी मिल सके। यह पहल शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को जोड़ने की दिशा में एक अनुकरणीय प्रयास मानी जा रही है.

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