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BJP के कार्ड में IN–OUT का खेल किसके इशारे पर ? वायरल आमंत्रण ने बढ़ाई सियासी सरगर्मी, सरोज पांडेय IN, विधायक-मेयर-जिलाध्यक्ष OUT

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आकाशवाणी.इन

कोरबा, 02 फरवरी 2026/ भारतीय जनता पार्टी कोरबा जिले में संगठनात्मक दृष्टि से एक नए अध्याय की शुरुआत करने जा रही है। जिले के बहुप्रतीक्षित एवं अत्याधुनिक जिला कार्यालय “अटल स्मृति भवन” की आधारशिला 2 फरवरी 2026 को रखी जानी है। यह आयोजन जहां पार्टी संगठन के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है, वहीं इससे अधिक चर्चा में इसका आमंत्रण कार्ड आ गया है.

आयोजन से ठीक एक दिन पूर्व सोशल मीडिया पर एक नया आमंत्रण कार्ड वायरल हुआ, जिसने पार्टी के भीतर और बाहर सियासी हलचल तेज कर दी है। यह वायरल कार्ड पहले से वितरित आमंत्रण पत्र से न केवल अलग है, बल्कि इसके कलेवर, तेवर और किरदार भी बदले हुए नजर आ रहे हैं। नए कार्ड में भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय का नाम प्रमुखता से जोड़ा गया है, जबकि पूर्व कार्ड में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल कई जनप्रतिनिधियों के नाम इसमें नहीं हैं.

पहले जारी आमंत्रण पत्र में कटघोरा विधायक, महापौर तथा जिला पंचायत अध्यक्ष को विशिष्ट अतिथि के रूप में दर्शाया गया था, लेकिन वायरल हुए नए कार्ड में इन सभी नाम नदारद हैं। यहां तक कि शहर के प्रथम नागरिक का नाम भी इस आमंत्रण पत्र में शामिल नहीं किया गया है, जिसे लेकर संगठनात्मक स्तर पर असहजता महसूस की जा रही है.

सबसे अधिक चर्चा जिला भाजपा अध्यक्ष गोपाल मोदी के नाम को लेकर है। पूर्व कार्ड में उन्हें विशिष्ट अतिथि की श्रेणी में स्थान दिया गया था, जबकि नए वायरल कार्ड में उनका नाम आयोजक के रूप में नीचे दर्शाया गया है। उनके साथ जिला महामंत्री संजय शर्मा और अजय विश्वकर्मा के नाम भी जोड़े गए हैं। इस बदलाव को लेकर पार्टी के भीतर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं.

आरएसएस और जनसंघ की विचारधारा के साथ जिले में संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ नेता ननकी राम कंवर तथा कोरबा में निवासरत प्रदेश मंत्री ऋतु चौरसिया को लेकर भी चर्चाएं थीं कि इस आयोजन में उन्हें स्थान मिलेगा, लेकिन वायरल कार्ड में इन दोनों नेताओं का नाम भी कहीं नजर नहीं आ रहा है.

अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह दूसरा आमंत्रण कार्ड वास्तव में छपवाया और वितरित किया गया है या फिर किसी विशेष नेता की नजर में बेहतर बनने के उद्देश्य से केवल डिज़ाइन तैयार कर इसे जानबूझकर वायरल किया गया है। पार्टी सूत्रों की मानें तो आमंत्रण पत्र को राजधानी स्तर से अंतिम रूप दिया गया है और कुछ खास रणनीतिक लोगों की पसंद-नापसंद के अनुसार ही नाम शामिल किए गए हैं.

हालांकि पार्टी इसे अपना आंतरिक मामला बता रही है, लेकिन अलग-अलग आमंत्रण पत्रों के सामने आने से संगठन के भीतर चल रही IN–OUT की राजनीति खुलकर सामने आ गई है। पूर्व जिला अध्यक्षों को भी आमंत्रण में स्थान न दिए जाने को लेकर कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है, खासकर तब जब अन्य जिलों में पूर्व पदाधिकारियों को सम्मानजनक स्थान दिया गया है.

कुल मिलाकर, अत्यंत गरिमामयी और ऐतिहासिक माने जा रहे इस आयोजन से अधिक चर्चा आमंत्रण कार्ड की राजनीति को लेकर हो रही है। इससे यह साफ हो गया है कि संगठन में सब कुछ मनमाफिक नहीं चल रहा और अंदरूनी खींचतान के बीच यह ताज कांटों भरा साबित हो रहा है.

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