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नई दिल्ली, 17 मार्च 2026/ भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम ट्रेड डील फिलहाल टल गई है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह समझौता अब तब तक साइन नहीं किया जाएगा जब तक अमेरिका अपना नया ग्लोबल टैरिफ स्ट्रक्चर तैयार नहीं कर लेता। पहले यह डील मार्च 2026 में ही साइन होने वाली थी, लेकिन हाल ही में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के एक बड़े फैसले ने पूरी प्रक्रिया को प्रभावित कर दिया। इस फैसले में पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump को दिए गए उन विशेष अधिकारों को समाप्त कर दिया गया है, जिनके तहत वे इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का उपयोग कर भारी टैरिफ लागू कर सकते थे.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील फिलहाल टली
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद पुराने रेसिप्रोकल टैरिफ को अमान्य कर दिया गया है, जिससे ट्रम्प प्रशासन को अब वैश्विक व्यापार के लिए नया टैरिफ फ्रेमवर्क तैयार करना पड़ रहा है। इसी कारण भारत-अमेरिका ट्रेड डील को फिलहाल रोक दिया गया है। जब तक नया ढांचा तैयार नहीं होता, तब तक अमेरिका ने ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 122 के तहत सभी देशों पर अस्थायी रूप से 10% टैरिफ लागू कर दिया है। यह अस्थायी व्यवस्था लगभग पांच महीनों तक जारी रह सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर सीधा असर पड़ने की संभावना है.
भारत को चाहिए प्रतिस्पर्धात्मक लाभ
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि भारत इस डील को लेकर जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं करेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने साफ किया कि समझौता तभी होगा जब अमेरिका का नया टैरिफ स्ट्रक्चर स्पष्ट हो जाएगा और भारत को अन्य देशों के मुकाबले कोई प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा। पहले भारत ने कुछ खास प्रोडक्ट्स पर 18% की रेसिप्रोकल टैरिफ दर तय की थी, लेकिन अब यह पूरी तरह अमेरिका के नए ढांचे पर निर्भर करेगा। अगर नया टैरिफ सिस्टम पहले जैसा रहता है तो दरों में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन नए नियमों के आधार पर इसमें बदलाव भी संभव है। फिलहाल दोनों देश डील की बारीकियों पर काम कर रहे हैं और अंतिम फैसला नए टैरिफ स्ट्रक्चर के बाद ही लिया जाएगा.