आकाशवाणी.इन
नई दिल्ली, 17 मार्च 2026/ देशभर में रसोई गैस (LPG) की किल्लत को लेकर चल रही चिंता के बीच अब हालात धीरे-धीरे सामान्य होते नजर आ रहे हैं। केंद्र सरकार और तेल कंपनियों की तरफ से उठाए गए कई बड़े कदमों के कारण गैस सिलेंडरों की सप्लाई बेहतर हो रही है और लोगों को राहत मिलने लगी है। जानकारी के मुताबिक भारत अपनी करीब 60 प्रतिशत एलपीजी जरूरत कतर, बहरीन, इराक और यूएई जैसे देशों से आयात करता है। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय हालात और सप्लाई चेन में आई बाधाओं के कारण गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई थी, लेकिन सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए कई स्तर पर कदम उठाए.
रिफाइनरियां पूरी क्षमता से एलपीजी उत्पादन कर रही हैं और तेल कंपनियां देशभर में प्रतिदिन लगभग 60 लाख सिलेंडर की डिलीवरी कर रही हैं। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य से भारत के तेल टैंकर सुरक्षित गुजर रहे हैं, जिससे आयात भी सामान्य बना हुआ है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर ‘पैनिक बुकिंग’ न करें, क्योंकि इससे एजेंसियों पर अचानक दबाव बढ़ जाता है और वितरण व्यवस्था प्रभावित होती है। कई जगहों पर लोगों ने भविष्य की आशंका में एक साथ कई सिलेंडर बुक करने की कोशिश की, जिसके कारण गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि समय पर बुकिंग कराने पर हर उपभोक्ता तक सिलेंडर पहुंचाया जाएगा। साथ ही कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई भी धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, जिससे रेस्टोरेंट, मॉल और उद्योगों को भी राहत मिलने लगी है.
इस बीच कई राज्यों में जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। उत्तर प्रदेश में 12 मार्च से अब तक 4,816 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 70 से अधिक मामले दर्ज किए गए और 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं महाराष्ट्र के भिवंडी में एक निजी परिसर से करीब 2.22 लाख रुपये कीमत के 84 अवैध एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए। राज्य सरकार ने बताया कि अब तक 23 मामले दर्ज कर 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 1,208 सिलेंडर सहित लाखों रुपये का सामान जब्त किया गया है। सरकार का कहना है कि जमाखोरी और अवैध व्यापार के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा ताकि आम लोगों को बिना किसी परेशानी के गैस सिलेंडर मिल सके और बाजार में कृत्रिम कमी पैदा न हो.