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स्याहीमुड़ी में एचटीपीएस की ओर से स्वास्थ्य जागरुकता शिविर एवं स्वास्थ्य शिविर लगाया गया

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आकाशवाणी.इन

कोरबा, 26 मार्च 2026/ हसदेव ताप विद्युत संयंत्र (एचटीपीएस) कोरबा पश्चिम की ओर से समीपस्थ ग्राम स्याहीमुड़ी में स्वास्थ्य शिविर एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन मुख्य अभियंता एचके. सिंह के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम के जनप्रतिनिधि एवं ग्रामवासियों को धन्यवाद देते हुए आशा व्यक्त किए कि आप सभी ग्रामवासी इन स्वास्थ्य एवं जागरूकता शिविर में चिकित्सकों द्वारा दी गई सलाहों का लाभ उठाएंगे.

हसदेव ताप विद्युत गृह (एचटीपीएस) कोरबा पश्चिम, समीपस्थ गांवों में स्वास्थ्य शिविर एवं जागरूकता शिविरों का आयोजन कर रहा है। यह कार्यक्रम श्रृंखला छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर जनरेशन कंपनी की नई परियोजना 2×660 मेगावाट संयंत्र की निगमित पर्यावरणीय उत्तरदायित्व ( CER-Corporate Environmental Responsibility ) के हिस्से हैं। जनरेशन कंपनी, विद्युत संयंत्र के समीपस्थ चिह्नित 11 गांवों में सीईआर के कार्यों को जमीनी स्तर पर पहुंचा रही है.

स्वेता हाॅस्पिटल कोरबा की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डाॅ. एम. कुजूर ने महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा ध्यान रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि महिलाएं पूरे परिवार का ध्यान रखती हैं लेकिन खुद का ख्याल नहीं रख पाती हैं। डाॅ. कुजूर ने माहवारी में अनियमितता, गर्भावस्था में सावधानियां एवं उचित खानपान के बारे में आवश्यक जानकारी साझा की.

डाॅ. एम. कुजूर ने सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी के मुंह का कैंसर) पर जागरूक करते हुए कहा कि सर्वाइकल कैंसर के आजकल ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। सर्वाइकल कैंसर के कोई गंभीर लक्षण नहीं दिखते हैं। उनमें न दर्द होता है और न ही बुखार आता है। शुरूआत में इसेे हल्के ढंग से लिया जाता है, महिलाएं बताने में झिझकतीं हैं। लेकिन यह गंभीर बीमारी है। सर्वाइकल कैंसर के ऐसे मामलों में विलंब होने से यह जानलेवा भी हो जाता है। इसलिए समय पर परामर्श लेकर उपचार कराइए। डाॅ. एम. कुजूर ने कहा कि शुरूआत में मरीज आमतौर पर ठीक रहते हैं और हल्के लक्षणों को टालते रहते है। जब बहुत ब्लीडिंग शुरू हो जाती है, खून की कमी होने लगती है, तब महिलाएं चल नहीं पाती हैं। ऐसी खराब स्थिति में परिजन मरीज को अस्पताल लेकर पहुंचते हैं। डाॅ. कुजूर ने सलाह दी कि ऐसी स्थितियों से बचना चाहिए। प्रारंभिक अवस्था में जांच व उपचार से मरीज पूर्णतः स्वस्थ हो सकता है.

स्वेता हाॅस्पिटल कोरबा के शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ. विनय सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि माता-पिता अपने बच्चों का ख्याल रखें, उनके पोषण पर ध्यान दें। यदि बच्चा कमजोर है, अच्छे से खाना नहीं खा रहा है, उसका मानसिक व शारीरिक विकास ठीक से नहीं हो पा रहा है तो अविलंब विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श एवं उपचार लें। नवजात शिशुओं के विशेष देखभाल के बारे में भी बताया गया.

शिविर में होली क्राइस्ट हाॅस्पिटल, कोरबा के डाॅ. राकेश लकरा, एमडी (इंटर्नल मेडिसिन) ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कहा कि सावधानियां रखें और बीमारी से पहले ही जागरूक रहते हुए अपने स्वास्थ्य की रक्षा करें। शिविर में उपस्थित ग्रामवासियों को विशिष्ट अतिथि एमके. गुप्ता, सलाहकार (चिकित्सा) डाॅ. एससी. खरे एवं एम्स, भुवनेश्वर कीनर्सिंग आॅफिसर श्रीमती रूखसार खातून ने भी संबोधित किया.
स्वास्थ्य शिविर में इससे पहले मुख्य अतिथि एवं विशिष्टि अतिथियों, चिकित्सकों ग्राम के जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिकों समेत अन्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया। शिविर में 65 ग्रामीणों की मधुमेह, रक्तचाप और वजन की जांच की गई। 74 ग्रामीणों को परामर्श के बाद सर्दी, खांसी, बुखार एवं आवश्यक दवाइयां बांटी गईं.

शिविरों का लाभ ग्राम स्याहीमुड़ी की महिलाएं, बच्चे एवं बुजुर्ग सहित कुल 120 ग्रामवासियों ने उठाया। इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता एसके गोठी, सुमित सिंह, टीपी. सिंह, डाॅ. श्वेतांबरी महंता, डाॅ. प्रीति पूनम कुजूर, कार्यपालन अभियंता सुधीर टिकरिहा, मनोज मिश्रा, जनसंपर्क अधिकारी बसंत शाहजीत, सहायक प्रबंधक (पर्यावरण) विकास उईके, स्वास्थ्य विभाग की टीम और अन्य अधिकारी एवं ग्राम के जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे.

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