आकाशवाणी.इन
नोएडा, 28 अप्रैल 2026/ नोएडा वासियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। शहर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव और पब्लिक ट्रांसपोर्ट की कमी को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने 50 नई सिटी ई-बसें शुरू करने का फैसला लिया है। इस योजना के लागू होने से रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा। खासतौर पर नौकरीपेशा लोगों, छात्रों, औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लोगों के लिए यह सेवा बेहद उपयोगी साबित होगी.
जानकारी के मुताबिक, इन नई ई-बसों का संचालन उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के सहयोग से किया जाएगा। बसें शहर के चार बड़े और व्यस्त रूटों पर चलाई जाएंगी, जिनमें सेक्टर-90 डिपो, बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन, ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौर चौक, सेक्टर-62, फेस-2 इंडस्ट्रियल एरिया, सूरजपुर कलेक्ट्रेट और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं। इससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों के बीच सीधी कनेक्टिविटी मजबूत होगी.
अब तक इन इलाकों में यात्रा करने वाले लोग ई-रिक्शा, ऑटो, टैक्सी या निजी वाहनों पर निर्भर रहते थे, जिससे जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था और ट्रैफिक जाम की समस्या भी बढ़ती थी। नई बस सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों को सस्ती, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा। साथ ही निजी वाहनों और छोटे कमर्शियल वाहनों की संख्या कम होने से सड़कों पर जाम की स्थिति में भी सुधार आने की उम्मीद है.
ई-बसों के संचालन के लिए सेक्टर-90 बस डिपो को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यहां 20 चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनकी मदद से एक साथ 50 बसों को चार्ज किया जा सकेगा। इसके अलावा सर्विस स्टेशन, वर्कशॉप और ड्राइवर-कंडक्टर के लिए जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। बॉटेनिकल गार्डन बस स्टैंड पर भी चार ऑपर्च्युनिटी चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे, जहां एक समय में 8 बसों को चार्ज किया जा सकेगा। मोरना डिपो में भी पहले से ई-चार्जिंग की व्यवस्था तैयार है.
प्राधिकरण के अनुसार बसों का किराया UPSRTC द्वारा तय किया जाएगा, ताकि यात्रियों को किफायती दरों पर सेवा मिल सके। वहीं संचालन में होने वाले घाटे का खर्च नोएडा प्राधिकरण उठाएगा, जिससे सेवा नियमित और सुचारू रूप से जारी रह सके.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम नोएडा को स्मार्ट और ग्रीन सिटी बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। इलेक्ट्रिक बसों से प्रदूषण में कमी आएगी, ईंधन की बचत होगी और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा। आने वाले समय में यदि यह योजना सफल रही तो शहर में और अधिक ई-बसें शुरू की जा सकती हैं। फिलहाल, इस फैसले से नोएडा के लाखों यात्रियों के लिए सफर आसान, तेज और आरामदायक होने जा रहा है.