आकाशवाणी.इन
कोरबा, 25 मई 2026/ एचटीपीपी (HTPP) पश्चिम के आवासीय परिसर में अधिकारियों के संरक्षण में चल रहे अवैध ‘पक्के’ निर्माण और बेजा कब्जा मामले में ‘आकाशवाणी.इन न्यूज़’ की खबर का बड़ा और दमदार असर हुआ है। 24 मई रविवार को समाचार पोर्टल पर खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद एचटीपीपी प्रबंधन और उच्च प्रशासन हरकत में आ गया है। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद संदेह के घेरे में आए सिविल विभाग के भीतर खलबली मच गई है.
*प्रमुख बिंदु: एक नजर में*
*असर: ‘* आकाशवाणी.इन न्यूज़’ की खबर के बाद उच्च प्रबंधन ने मामले को संज्ञान में लिया.
*सख्ती:* अवैध पक्के निर्माण को हटाने के लिए नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू.
*जांच:* साठगांठ के आरोपी सिविल विभाग के अधिकारियों की भूमिका की आंतरिक जांच के निर्देश.
*पर्दाफाश:* सरकारी जमीन पर रसूखदारों के अवैध आशियाने और विभागीय लापरवाही आई सामने.
*‘आकाशवाणी.इन न्यूज़’ ने उजागर किया था अधिकारियों का संरक्षण*
आवासीय परिसर की सरकारी भूमि पर कुछ रसूखदारों ने विभागीय मिलीभगत के बल पर अवैध पक्का निर्माण किया जा रहा था। इस पूरे खेल में सिविल विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की मौन सहमति और संरक्षण की बात सामने आई थी। ‘ *आकाशवाणी.इन न्यूज़’* ने इस गंभीर मुद्दे को पूरी जिम्मेदारी के साथ उजागर किया, जिसके बाद सोए हुए प्रबंधन को जागना पड़ा.
*कटघरे में सिविल विभाग, मांगा गया जवाब*
परिसर की सुरक्षा और रख-रखाव का जिम्मा संभालने वाला सिविल विभाग अब तक इस अवैध निर्माण पर आंखें मूंदे बैठा था। लेकिन खबर के दबाव के बाद विभाग पूरी तरह बैकफुट पर है। उच्च प्रबंधन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सिविल विभाग से स्पष्टीकरण मांगा है कि इतनी कड़ी सुरक्षा वाले वीआईपी आवासीय परिसर में बिना अनुमति के इतना बड़ा पक्का बेजा कब्जा कैसे किया जा रहा था.
*अतिक्रमण पर चलेगा बुलडोजर, दोषियों पर गिरेगी गाज*
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, उच्च अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि परिसर के भीतर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बेजा कब्जा करने वालों को तत्काल निर्माण हटाने का अल्टीमेटम दिया जा रहा है। यदि वे स्वयं इसे नहीं हटाते हैं, तो प्रबंधन बलपूर्वक इसे ध्वस्त करेगा। इसके साथ ही, इस अवैध कृत्य को मूक संरक्षण देने वाले सिविल विभाग के दोषी कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है.