आकाशवाणी.इन
कोरबा, 26 जून 2026/ उर्जाधानी के दर्री थाना क्षेत्र में चोरों का दुस्साहस अब सारी हदें पार कर चुका है! क्षेत्र में पुलिस का खौफ इस कदर खत्म हो चुका है कि चोर अब सीधे पुलिस की नाक के नीचे वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। अभी नगर निगम के साइन बोर्ड को तोड़ने की कोशिश का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि चोरों ने एक और तड़कती-भड़कती वारदात को अंजाम दे दिया है.
इस बार शातिर चोरों ने सीधे दर्री थाने के ठीक सामने, महज कुछ ही दूरी पर स्थित आंगनवाड़ी भवन को अपना निशाना बनाया। चोर रात के अंधेरे में आंगनवाड़ी परिसर में घुसे और वहाँ बच्चों व महिलाओं के पानी के लिए रखी भारी-भरकम सिंटेक्स (पानी) की टंकी को ही उखाड़कर ले उड़े।
थाने के सामने चोरी: पुलिस की मुस्तैदी और गश्त पर सबसे बड़ा तमाचा!
इस सनसनीखेज वारदात ने दर्री पुलिस की कार्यप्रणाली और रात्रिकालीन गश्त (Night Patrol) के दावों को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। आम जनता अब यह पूछ रही है कि “जब पुलिस अपने थाने के ठीक सामने स्थित सरकारी संस्थान की सुरक्षा नहीं कर पा रही, तो वह पूरे क्षेत्र की रक्षा कैसे करेगी?” थाने से चंद कदमों की दूरी पर चोर आराम से आते हैं, सरकारी संपत्ति पर हाथ साफ करते हैं और पुलिस को भनक तक नहीं लगती। यह घटना दर्री पुलिस की ढीली गश्त पर एक करारा तमाचा है।
Htpp बैरियर पर गार्ड सोते रहे, उधर थाने के सामने टंकी गायब!
दर्री क्षेत्र में चोरों का नेटवर्क इस कदर हावी है कि एक ही रात में कई मोर्चों पर सुरक्षा व्यवस्था फेल साबित हुई है। एक तरफ htpp (छोटा साडा) के सुरक्षा गार्ड के बैरियर से महज 100 मीटर की दूरी पर मुख्य मार्ग के साइन बोर्ड को कबाड़ बनाने के लिए तोड़ा जा रहा था, तो दूसरी तरफ थाने के ठीक सामने आंगनवाड़ी से पानी की टंकी गायब की जा रही थी। साफ है कि कबाड़ चोरों और नशेड़ियों के हौसले बुलंद हैं और उन्हें न तो htpp के सुरक्षा गार्डों का डर है और न ही खाकी का.
नौनिहालों के हक पर डाका, जनता का फूटा गुस्सा
आंगनवाड़ी में क्षेत्र के छोटे बच्चे और गर्भवती महिलाएं आती हैं, जिनके पीने के पानी के लिए यह टंकी लगाई गई थी। चोरों ने मासूम नौनिहालों के हक के पानी पर भी डाका डालने से गुरेज नहीं किया। सुबह जब आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग पहुँचे, तो छत से पानी की टंकी गायब देख उनके होश उड़ गए। इस घटना के बाद से पूरे दर्री क्षेत्र के व्यापारियों, आम नागरिकों और महिलाओं में भारी आक्रोश व्याप्त है.