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कोरबा में वनमंत्री केदार कश्यप ने अशोक वाटिका में किया पौधरोपण, सतरेंगा-बुका पर्यटन विकास पर बनेगी विशेष कार्ययोजना

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आकाशवाणी.इन

कोरबा, 21 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने अपने दो दिवसीय कोरबा प्रवास के दौरान गुरुवार को शहर की अशोक वाटिका में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत साल पौधे का रोपण किया। इस दौरान उन्होंने प्रकृति संरक्षण, वनों के संवर्धन और प्राकृतिक धरोहरों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का संदेश दिया.

वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जंगल और प्राकृतिक स्थल सभी की साझा धरोहर हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, स्वस्थ और समृद्ध पर्यावरण उपलब्ध कराने के लिए वनों के संरक्षण के साथ हरित क्षेत्र का विस्तार जरूरी है.

अशोक वाटिका में 3 हजार से अधिक पौधे, इको क्लब भी गठित

वनमंत्री ने अशोक वाटिका का भ्रमण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वाटिका के सुव्यवस्थित संचालन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने जिला प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने निर्देश दिए कि अशोक वाटिका में विभिन्न प्रजातियों के पेड़-पौधे लगाए जाएं और प्रत्येक प्रजाति के संबंध में जानकारी भी प्रदर्शित की जाए। इससे विद्यार्थी यहां आकर विभिन्न पौधों और पेड़-पौधों का अध्ययन कर सकेंगे तथा उनमें पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित होगी.

प्रभारी कलेक्टर एवं नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने बताया कि शहर के हृदयस्थल में स्थित अशोक वाटिका करीब 25 एकड़ क्षेत्र में फैली है। यहां विभिन्न प्रजातियों के 3 हजार से अधिक पौधे लगाए गए हैं। वाटिका के बेहतर प्रबंधन और पर्यावरणीय गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए इको क्लब का गठन किया गया है। परिसर में तालाब भी मौजूद है और प्रतिदिन सुबह-शाम बड़ी संख्या में नागरिक मॉर्निंग वॉक और भ्रमण के लिए पहुंचते हैं.

उन्होंने बताया कि पहले अशोक वाटिका के रखरखाव में करीब 25 लाख रुपये सालाना खर्च होते थे, जबकि वर्तमान में वाटिका से लगभग 1.5 लाख रुपये प्रतिमाह आय प्राप्त हो रही है। इससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं.

सतरेंगा और बुका को पर्यटन के नए आकर्षण के रूप में विकसित करने की तैयारी

वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कोरबा जिले में कई प्राकृतिक और दर्शनीय स्थल मौजूद हैं, जिन्हें पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की जरूरत है। उन्होंने सतरेंगा और बुका जैसे प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने की बात कही।

उन्होंने पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हाउस बोट जैसी सुविधाओं की संभावनाओं पर भी काम करने के निर्देश दिए। वनमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक स्थलों का विकास इस तरह होना चाहिए कि पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिले और साथ ही पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित रहे.

किंग कोबरा और रसेल वाइपर के संरक्षण पर जोर

वनमंत्री ने कोरबा जिले में पाए जाने वाले दुर्लभ वन्यजीवों के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने दुर्लभ किंग कोबरा और रसेल वाइपर के संरक्षण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने की बात कही। साथ ही अशोक वाटिका में अधोसंरचना विकास तथा पुरानी बस्ती कोरबा स्थित वन विभाग के पुराने डिपो को सुंदर उद्यान के रूप में विकसित करने की संभावनाओं की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश अधिकारियों को दिए.

वनों के विस्तार और संरक्षण के लिए योजनाबद्ध प्रयास जरूरी

केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप प्रदेश में वनों की रक्षा और वन क्षेत्र में वृद्धि के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वनों के विस्तार के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करने के साथ ही मौजूदा वन क्षेत्रों के संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभानी होगी। प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण कर ही आने वाली पीढ़ियों को समृद्ध प्राकृतिक विरासत सौंपी जा सकती है.

महापौर संजू देवी राजपूत ने बताया कि नगर निगम और शासन-प्रशासन द्वारा हरित पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए लगातार पौधरोपण अभियान चलाए जा रहे हैं। अशोक वाटिका में भी हर वर्ष बड़ी संख्या में पौधे लगाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि नगर में उद्यानों के विकास के साथ खेल सुविधाओं के विस्तार पर भी काम किया जा रहा है। करीब 32 करोड़ रुपये की लागत से इनडोर स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है.

कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी पौधरोपण किया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पांडेय, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, गोपाल मोदी, जोगेश लाम्बा, हितानंद अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे.

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आज लगाए गए पौधे केवल हरियाली बढ़ाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की नींव हैं। सामूहिक सहभागिता और निरंतर प्रयासों से कोरबा की प्राकृतिक संपदा को संरक्षित करते हुए जिले को पर्यावरण और पर्यटन के क्षेत्र में और समृद्ध बनाया जा सकता है.

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