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जांजगीर-चांपा और सक्ती में विकास कार्यों की समीक्षा, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को दिए तेजी के निर्देश

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आकाशवाणी.इन

जांजगीर, 21 अगस्त 2026/ उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने गुरुवार को जांजगीर जिला मुख्यालय में जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय योजनाओं, विकास कार्यों और निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप काम में तेजी लाने के निर्देश दिए.

बैठक में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वीकृत विकास कार्यों में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करते हुए पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों से विभागीय कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने और जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने को कहा.

नगरीय निकायों के धीमे कार्यों पर नाराजगी

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नगरीय निकायों में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिन कार्यों की स्वीकृति और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं, उन्हें तत्काल शुरू कर निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए। प्राथमिकता वाले कार्यों की नियमित निगरानी करने और कार्यों में अनावश्यक देरी रोकने के निर्देश भी दिए गए.

उन्होंने जांजगीर और सक्ती में निर्माणाधीन नालंदा परिसरों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर युवाओं और विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है, इसलिए इसके निर्माण में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। दोनों परिसरों के कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए.

15वें वित्त आयोग और स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों में तेजी

अरुण साव ने 15वें वित्त आयोग और स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत स्वीकृत कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने जल आवर्धन योजना के कार्यों को भी निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने को कहा। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत घरों से कचरा संग्रहण और स्रोत पर कचरा पृथक्करण को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए.

इसके साथ ही उन्होंने नगरीय निकायों में एनर्जी बिल ऑडिट कराने और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया.

पीएम स्वनिधि और पीएम आवास योजना की समीक्षा

उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित शासन की प्राथमिकता वाली हितग्राहीमूलक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले और लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए.

उन्होंने कहा कि हितग्राहीमूलक योजनाओं में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है.

बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत के निर्देश

लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुके कार्यों को जल्द शुरू कराने और प्रगतिरत निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने को कहा.

बारिश के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों और सड़कों पर बने गड्ढों की तत्काल मरम्मत करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि खराब सड़कों के कारण आम लोगों को परेशानी होती है और दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ती है। इसलिए सड़क मरम्मत के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए.

जल जीवन मिशन की योजनाओं के रखरखाव पर जोर

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा करते हुए अरुण साव ने जल जीवन मिशन के तहत पूर्ण और हैंडओवर हो चुकी योजनाओं के सुचारू संचालन तथा नियमित रखरखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है.

उन्होंने पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव से जुड़ी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए पंचायत और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। पेयजल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा.

गांवों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश

खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को व्यापक रूप से बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गांवों में खेल गतिविधियों के आयोजन से बच्चों और युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के बेहतर अवसर मिलेंगे.

उन्होंने खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष योजना के माध्यम से आगे बढ़ने का अवसर देने तथा खिलाड़ियों को आवश्यक प्रशिक्षण और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेलों से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित होती है.

अधिकारियों को संवेदनशीलता और समन्वय से काम करने की हिदायत

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अधिकारियों को आपसी समन्वय और सहयोग की भावना से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बेहतर समन्वय जरूरी है.

उन्होंने कार्यालयों में आने वाले नागरिकों के साथ विनम्रता, संवेदनशीलता और सम्मानपूर्वक व्यवहार करने को कहा। उन्होंने कहा कि आम नागरिक अपनी समस्याओं और कार्यों के निराकरण की उम्मीद लेकर सरकारी कार्यालयों में आते हैं। ऐसे में अधिकारियों और कर्मचारियों का रवैया सकारात्मक और सहयोगात्मक होना चाहिए, ताकि लोगों को समय पर गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकें.

बैठक में जांजगीर-चांपा कलेक्टर जन्मेजय महोबे, सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, जिला पंचायत के सीईओ विनय कुमार पोयाम सहित लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेलकूद एवं युवा कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे.

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