कोरबा, 07 अक्टूबर 2026/ऊर्जाधानी कोरबा से इस वक्त पर्यावरण और जनस्वास्थ्य को संकट में डालने और परेशान करने वाली ताज़ा खबर सामने आ रही है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी के हसदेव ताप विद्युत गृह (HTPS) पश्चिम के पावर प्लांट से निकलने वाली फ्लाई ऐश (पानी मिश्रित राखड़) की मुख्य पाइपलाइन डांडपारा के पास फट गई। पाइपलाइन फटने से निकल रहा लाखों लीटर ज़हरीला राखड़ का पानी डांडपारा के समीप स्थित रिटर्न केनाल के रास्ते सीधे कोरबा की जीवनदायिनी हसदेव नदी में समा रहा है.
प्रबंधन की बड़ी लापरवाही: देखरेख के अभाव में राखड़ पाइपलाइनें अक्सर बीच बीच से फट जाती हैं,
हसदेव ताप विद्युत गृह (HTPS) पश्चिम के पावर प्लांट की राखड़ पाइपलाइन फटने से जीवनदायनी हसदेव नदी में पर्यावरण तांडव ने एक बार फिर बिजली कंपनी के मेंटेनेंस के दावों की पोल खोल दी है। स्थानीय ग्रामीणों और औद्योगिक विशेषज्ञों का साफ कहना है कि नियमित देखरेख और मेंटेनेंस के अभाव में अक्सर इस तरह की पाइपलाइन फटने की घटनाएं सामने आती हैं,
पर्यावरण विभाग की चुप्पी पर भी उठ रहे सवाल
औद्योगिक हादसों के बाद पर्यावरण संरक्षण मंडल (ECB) द्वारा नोटिस तो जारी किए जाते हैं, लेकिन ठोस और दंडात्मक कार्रवाई नहीं होने से बिजली प्लांट प्रबंधन के हौसले बुलंद हैं। देखरेख के अभाव में बार-बार होने वाले इन हादसों से न केवल लाखों लीटर पानी प्रदूषित हो रहा है, बल्कि आसपास की ज़मीन भी बंजर हो रही है। ऐसे लापरवाह अधिकारियों पर पर्यावरणीय नियमावली के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए.