आकाशवाणी.इन
कोरबा 21 अक्टूबर 2026/ कोरबा जिले में एक 7 साल की मासूम बच्ची के रहस्यमय ढंग से लापता होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। बच्ची को लापता हुए करीब 48 घंटे का वक्त हो चुका है, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। बच्ची की तलाश में पुलिस की कई टीमें जुटी हुई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए 20 अक्टूबर को एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने खुद पुलिस चौकी में कैंप कर जांच की कमान संभाल ली। वहीं बच्ची का पता लगाने के लिए शहर के प्रमुख थानों के प्रभारियों को भी तैनात किया गया है। समय बीतने के साथ ही बच्च्ची का कोई सुराग नहीं मिलने से पुलिस की चिंता बढ़ती जा रही है.
जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला बालको थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली रजगामार पुलिस चौकी का है। रजगामार के गजरा बस्ती में प्रकाश जोशी का परिवार रहता है। बताया जा रहा है कि 19 अक्टूबर की दोपहर उनकी 7 वर्षीय बेटी चॉकलेट खरीदने के लिए घर से निकली थी, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। काफी देर तक बच्ची के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने आसपास उसकी तलाश की। कोई जानकारी नहीं मिलने पर उन्होंने शाम को रजगामार पुलिस चौकी पहुंचकर बच्ची के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई.
मासूम बच्ची के रहस्यमय ढंग से लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी। हालांकि, शुरुआती प्रयासों के बावजूद बच्ची का कोई सुराग नहीं मिल सका। बताया जा रहा है कि घटना के करीब 24 घंटे बाद भी बच्ची का पता नहीं चलने पर कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी 20 अक्टूबर की दोपहर खुद रजगामार पुलिस चौकी पहुंचे और मामले की जानकारी ली। उनके निर्देश पर बच्ची की तलाश के लिए शहर के प्रमुख थानों के प्रभारियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस की टीमें सुबह से ही रजगामार क्षेत्र के सुनसान इलाकों और तालाबों के आसपास बच्ची की तलाश में जुटी रहीं, लेकिन अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिल सकी है.
बच्ची की मां के परिचित पर संदेह
पुलिस की जांच में सामने आया है कि घटना के दिन बच्ची को एक ऐसे शख्स के साथ देखे जाने की जानकारी मिली है, जिसे वह पहले से पहचानती थी। बताया जा रहा है कि उक्त व्यक्ति बच्ची की मां का परिचित है। पुलिस को आशंका है कि मां से परिचय होने के कारण बच्ची उस व्यक्ति पर भरोसा कर उसके साथ चली गई होगी। इसके बाद से बच्ची का कोई पता नहीं चल पाया है। हालांकि इस मामले में संबंधित व्यक्ति की भूमिका को लेकर जांच जारी है.
फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती बच्ची को सकुशल बरामद करना है। पुलिस की टीमें बच्ची की तलाश के साथ-साथ संदिग्ध व्यक्ति और उससे जुड़े लोगों के संबंध में जानकारी जुटा रही हैं। घटना के 48 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी बच्ची का कोई सुराग नहीं मिलने से पुलिस की चिंता बढ़ गई है। एसपी सिद्धार्थ तिवारी खुद पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। बच्ची की जल्द से जल्द तलाश और सकुशल बरामदगी के लिए विशेष पुलिस टीम भी तैनात की गई है.