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नाबालिग को जाली नोट उपलब्ध कराने का आरोप, सिविल लाइन रामपुर पुलिस की कार्रवाई; आरोपी न्यायिक रिमांड पर
कोरबा, 22 अक्टूबर 2026/ जिले में जाली नोट चलाने की कोशिश का मामला सामने आया है। सिविल लाइन रामपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक विधि से संघर्षरत बालक को पकड़ा, जिसके पास से ₹200 के 15 जाली नोट बरामद किए गए। इनकी कुल कीमत ₹3,000 बताई गई है। पूछताछ में जाली नोट उपलब्ध कराने के आरोप में मानस नगर निवासी अभिषेक शर्मा उर्फ सिक्कू (24 वर्ष) का नाम सामने आया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे 2 नवंबर 2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है.
सुभाष चौक के पास पकड़ा गया बालक
पुलिस के अनुसार, 20 अक्टूबर 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि मानस नगर क्षेत्र में रहने वाला एक विधि से संघर्षरत बालक खिलौने बेचने का काम करता है और उसके पास ₹200 के जाली नोट हैं। वह इन नोटों को बाजार में चलाने की कोशिश कर रहा है। सूचना पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बालक को सुभाष चौक के पास से पकड़ा.
पूछताछ में अभिषेक शर्मा का नाम आया सामने
पूछताछ के दौरान बालक ने पुलिस को बताया कि उसे अभिषेक शर्मा उर्फ सिक्कू, निवासी मानस नगर, चौकी सीएसईबी, कोरबा ने जाली नोट दिए थे। पुलिस के मुताबिक, बालक ने एक जाली नोट चलाने का प्रयास किया था, जबकि उसके पास ₹200 के 15 अन्य जाली नोट मौजूद थे.
बालक से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने अभिषेक शर्मा की पतासाजी कर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जाली नोट उपलब्ध कराने के मामले में उसकी संलिप्तता सामने आने की बात पुलिस ने कही है.
₹3 हजार के जाली नोट और प्रिंटर जब्त
पुलिस ने बालक के कब्जे से ₹200 के 15 जाली नोट, कुल ₹3,000, जब्त किए। वहीं, विवेचना के दौरान आरोपी अभिषेक शर्मा उर्फ सिक्कू के कब्जे अथवा उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया प्रिंटर भी जब्त किया गया। पुलिस ने जाली नोटों और प्रिंटर को मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया है.
गिरफ्तारी के बाद न्यायिक रिमांड पर भेजा गया आरोपी
पुलिस के अनुसार, अभिषेक शर्मा उर्फ सिक्कू, पिता रघु शर्मा, उम्र 24 वर्ष, निवासी हनुमान मंदिर के पास, मानस नगर, चौकी सीएसईबी, जिला कोरबा को 20 अक्टूबर 2026 को शाम 4:40 बजे गिरफ्तार किया गया। उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 179, 180 एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद 2 नवंबर 2026 तक न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है.
वहीं, विधि से संघर्षरत बालक की पहचान और व्यक्तिगत विवरण गोपनीय रखते हुए नियमानुसार कार्रवाई की गई तथा उसे किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया.
कोरबा पुलिस ने कहा है कि जाली नोटों के प्रचलन और इस तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है.