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सफलता की कहानी : सुगम, पारदर्शी और सुव्यवस्थित धान खरीदी से किसान संतुष्ट

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आकाशवाणी.इन

खुशहाल कृषक रामलाल खैरवार, सरकार की नीति ने दी नई उम्मीद

कोरबा 13 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान खरीदी का कार्य प्रदेशभर में सुचारू, पारदर्शी और किसान-केन्द्रित तरीके से संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लागू की गई व्यवस्था से किसानों को उनकी उपज का देश में सर्वाधिक समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्राप्त हो रहा है, जिससे अन्नदाताओं में संतोष और भरोसा दोनों दिखाई दे रहा है.

सभी धान उपार्जन केंद्रों पर टोकन आधारित खरीदी, डिजिटल तौल व्यवस्था, शीघ्र भुगतान और सुव्यवस्थित प्रबंधन के चलते किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है। बैठने, पीने का पानी, छाया, बारदाना और अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता से धान विक्रय की प्रक्रिया अत्यंत सहज और सम्मानजनक बन गई है.

भैंसमा उपार्जन केंद्र पर किसान रामलाल खैरवार की प्रेरक कहानी

कोरबा जिले के ग्राम डोंगदरहा निवासी रामलाल खैरवार इस खरीफ विपणन वर्ष में भी पूरे भरोसे के साथ अपना धान बेचने भैंसमा उपार्जन केंद्र पहुंचे हैं। यह उनका पहला अनुभव नहीं है, बल्कि पिछले वर्ष भी उन्होंने 167 क्विंटल धान का विक्रय किया था और इस वर्ष भी समय पर टोकन कटवाकर उतनी ही मात्रा में धान लेकर आए हैं.

श्री खैरवार बताते हैं कि पहले धान बेचने में कई तरह की परेशानियां आती थीं, लेकिन अब सरकार द्वारा की गई व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया आसान और भरोसेमंद हो गई है। टोकन प्रणाली के कारण किसानों को अपनी बारी का इंतजार नहीं करना पड़ता, तौल मशीनों से सटीक वजन होता है और भुगतान सीधे खाते में समय पर मिल जाता है। इससे किसान मानसिक रूप से भी निश्चिंत रहते हैं। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा, “सरकार हम सभी किसानों को मेहनत का सही और पूरा मूल्य दे रही है, तौल में कोई गड़बड़ी नहीं होती और भुगतान भी समय पर मिल जाता है। उपार्जन केंद्र में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं, इससे हमारा मनोबल बढ़ता है.

उच्चतम समर्थन मूल्य से किसानों की आर्थिक स्थिति हुई मजबूत

राज्य सरकार द्वारा घोषित उच्चतम समर्थन मूल्य से किसानों की आमदनी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो रही है। इससे वे न केवल अपने घरेलू खर्च सहजता से पूरा कर पा रहे हैं, बल्कि खेती से जुड़ी अगली तैयारियों में भी अधिक निवेश कर पा रहे हैं। समय पर और सीधे खाते में भुगतान होने से आर्थिक सुरक्षा बढ़ी है। धान उपार्जन केंद्रों पर प्रशासनिक निगरानी और तकनीकी व्यवस्था के कारण बिचौलियों की भूमिका समाप्त होने से किसान सीधे सरकार से जुड़कर लाभ उठा रहे हैं.

किसानों की मेहनत को मिल रहा सम्मान

छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों की समृद्धि ही प्रदेश की प्रगति का आधार है। इसी सोच के अनुरूप धान खरीदी व्यवस्था को सरल, भरोसेमंद और तकनीक आधारित बनाया गया है। आज श्री रामलाल खैरवार जैसे हजारों किसान यह अनुभव कर रहे हैं कि शासन उनके साथ खड़ा है। सरकार की इस पहल से छत्तीसगढ़ न केवल देश में धान उत्पादन में अग्रणी बना हुआ है, बल्कि किसानों के कल्याण के क्षेत्र में भी एक आदर्श राज्य के रूप में उभर रहा है। सरकार की जनहितकारी नीतियों से प्रदेश का हर अन्नदाता आर्थिक रूप से मजबूत, आत्मनिर्भर और खुशहाल बन रहा है.

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