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जांजगीर में प्रथम अपर सत्र न्यायालय का बड़ा फैसला, तीनों दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया
जांजगीर-चांपा, 26 अगस्त 2026/ तरास्ता रोककर मारपीट करने और 50 हजार रुपये नकद लूटने के मामले में जांजगीर के प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 14 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश शैलेन्द्र चौहान ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी दीपक कश्यप उर्फ पिंटू, कोमल कश्यप और राहुल कुमार निर्मलकर को भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दंडित किया.
न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 126 (2) के अपराध में एक माह का साधारण कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 309 (4) के अपराध में 14 वर्ष का कठोर कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 309 (6) के अपराध में 10 वर्ष का कठोर कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास का भी प्रावधान किया गया है.
अभियोजन के अनुसार, बजरंग करियारे ने 15 दिसंबर 2024 को थाना सारागांव में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसका भाई केशव करियारे कोटाडबरी में अपना क्लिनिक संचालित करता है। घटना की रात करीब 8:30 बजे केशव मोटरसाइकिल से घर लौट रहा था। उसके पास काले रंग के बैग में 500-500 रुपये के 100 नोट, कुल 50 हजार रुपये रखे हुए थे.
कमरीद राइस मिल के पास पहुंचने पर मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों ने उसका रास्ता रोकने का प्रयास किया। केशव डरकर मोटरसाइकिल तेज गति से भगाने लगा, लेकिन पिलारी नहर कमरीद के पास आरोपियों ने उसका पीछा कर लिया। आरोपियों ने बेल्ट से उसके साथ मारपीट की, जिससे वह मोटरसाइकिल से गिर गया.
इसके बाद आरोपियों ने उसे सड़क से खींचकर खेत के नीचे ले जाकर गाली-गलौज की और हाथ-मुक्के, लात तथा बेल्ट से बेरहमी से मारपीट की। आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी। केशव के सिर पर हेलमेट था, जिसे निकालकर उसी हेलमेट से भी उस पर हमला किया गया, जिससे हेलमेट टूट गया। मारपीट में उसके माथे, पीठ, सिर, नाक, सीना, बाएं हाथ और दोनों पैरों में चोटें आईं.
आरोपियों ने मारपीट के दौरान केशव के पास रखा मोबाइल भी गिरा दिया और उसके बैग में रखे 50 हजार रुपये लूटकर मौके से फरार हो गए। घायल केशव किसी तरह पैदल अंजली पेट्रोल पंप सारागांव पहुंचा और वहां घटना की जानकारी दी। बाद में उसके परिजन और अन्य लोगों ने उसे इलाज के लिए बीडीएम अस्पताल चांपा पहुंचाया.
घटना की रिपोर्ट के आधार पर थाना सारागांव में अपराध क्रमांक 215/2024 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 126 (2), 296, 351 (3), 309 (6) और 3 (5) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान पीड़ित केशव करियारे से पहचान कार्यवाही कराई गई, जिसमें उसने मारपीट और लूट करने वाले आरोपियों के रूप में दीपक कश्यप, कोमल कश्यप और राहुल कुमार निर्मलकर की पहचान की.
पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद आरोपियों के खिलाफ अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 9 गवाहों के बयान कराए गए। अभियोजन ने न्यायालय के समक्ष तर्क दिया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से रास्ता रोककर पीड़ित के साथ मारपीट की और नकदी लूट ली। अभियोजन ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को कठोर दंड देने की मांग की.
न्यायालय ने अभियोजन साक्ष्यों और मामले में सामने आए तथ्यों एवं परिस्थितियों का विश्लेषण करने के बाद तीनों आरोपियों को दोषी पाया। दोषी ठहराए गए आरोपियों में दीपक कश्यप उर्फ पिंटू पिता लव कुमार कश्यप उम्र 24 वर्ष, कोमल कश्यप पिता गेंदराम कश्यप उम्र 21 वर्ष और राहुल कुमार निर्मलकर पिता छतराम निर्मलकर उम्र 22 वर्ष शामिल हैं। तीनों आरोपी ग्राम गौद, थाना जांजगीर, जिला जांजगीर-चांपा के निवासी हैं। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर धारा 126 (2) के तहत 7 दिन, धारा 309 (4) के तहत एक माह और धारा 309 (6) के तहत एक माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा.
इस मामले में अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक संदीप सिंह बनाफर ने पैरवी की। न्यायालय के इस फैसले को रास्ता रोककर मारपीट और लूट जैसे गंभीर अपराधों में कठोर कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है.