Home छत्तीसगढ़ बहिनी संग राखी तिहार में उमड़ा बहनों का सैलाब, 5 घंटे में...

बहिनी संग राखी तिहार में उमड़ा बहनों का सैलाब, 5 घंटे में 10 हजार से अधिक महिलाओं ने मंत्री लखनलाल देवांगन को बांधा रक्षा सूत्र

7
0

आकाशवाणी.इन

कोरबा, 29 अगस्त 2026/ रक्षाबंधन के पावन अवसर पर शुक्रवार, 28 अगस्त को कैबिनेट मंत्री एवं कोरबा विधायक लखनलाल देवांगन के शासकीय निवास में आयोजित “बहिनी संग राखी तिहार” कार्यक्रम में बहनों का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। पंचवटी विश्राम गृह के समीप स्थित मंत्री के शासकीय निवास में सुबह 10 बजे से ही बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचने लगीं। देखते ही देखते परिसर में बहनों की लंबी कतार लग गई। लगभग पांच घंटे तक चले आयोजन में 10 हजार से अधिक महिलाओं ने मंत्री लखनलाल देवांगन की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें अपना आशीर्वाद दिया.

रक्षाबंधन के इस विशेष आयोजन में शामिल होने के लिए कोरबा विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों से महिलाएं पहुंचीं। सुबह से ही महिलाओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। आयोजन स्थल पर महिलाओं के लिए व्यवस्थित तरीके से कतार बनाई गई थी। बहनों ने बारी-बारी से मंत्री लखनलाल देवांगन की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा और उनके सुखद, स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। इस दौरान मंत्री ने भी प्रत्येक बहन को सम्मानपूर्वक प्रणाम कर उनका आशीर्वाद लिया.

बहनों का स्नेह मेरा सौभाग्य : लखनलाल देवांगन

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि क्षेत्र की बहनों का इतना बड़ा स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए गौरव और सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, स्नेह और सामाजिक रिश्तों को मजबूत करने वाला पर्व भी है.

मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा, “यह मेरा सौभाग्य है कि क्षेत्र की बहनों ने बड़ी संख्या में मेरे निमंत्रण को स्वीकार किया और मुझे रक्षा सूत्र बांधने के लिए यहां पहुंचीं। बहनों का यह स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए सबसे बड़ी पूंजी है। मैं सभी बहनों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूं और विश्वास दिलाता हूं कि भाई के रूप में हमेशा उनके सुख-दुख में साथ खड़ा रहूंगा.”

उन्होंने कहा कि हर वर्ष रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों के साथ इस तरह का आत्मीय आयोजन करने का उद्देश्य जनप्रतिनिधि और क्षेत्र की बहनों के बीच पारिवारिक रिश्ते को और मजबूत करना है। इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया.

महापौर संजू देवी राजपूत ने दी शुभकामनाएं

कोरबा महापौर संजू देवी राजपूत ने भी बहिनी संग राखी तिहार में शामिल होकर महिलाओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते, प्रेम और विश्वास का पर्व है। इस तरह के आयोजन से सामाजिक और पारिवारिक संबंधों को मजबूती मिलती है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में बहनों का कार्यक्रम में पहुंचना मंत्री लखनलाल देवांगन के प्रति उनके स्नेह और विश्वास को दर्शाता है.

नरेंद्र देवांगन ने जताया आभार

कार्यक्रम में मंत्री लखनलाल देवांगन के छोटे भाई एवं पार्षद नरेंद्र देवांगन भी मौजूद रहे। उन्होंने “बहिनी संग राखी तिहार” में शामिल होने पहुंचीं सभी महिलाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बहनों ने जिस आत्मीयता और उत्साह के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की, वह पूरे परिवार के लिए भावुक और यादगार क्षण है। उन्होंने सभी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्नेह के लिए धन्यवाद दिया.

महिलाओं की भीड़ से कई बार बाधित हुआ यातायात

मंत्री के शासकीय निवास में बड़ी संख्या में महिलाओं के पहुंचने के कारण आसपास के क्षेत्र में भी काफी भीड़ रही। महिलाओं के आने-जाने का सिलसिला कई घंटे तक जारी रहा। वाहनों की संख्या बढ़ने से यातायात व्यवस्था कई बार बाधित हुई। सड़क पर भीड़ और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिसकर्मी लगातार यातायात व्यवस्था को संभालते हुए वाहनों की आवाजाही सुचारू कराने में जुटे रहे.

इसके बावजूद बहनों में कार्यक्रम को लेकर खासा उत्साह नजर आया। कई महिलाएं समूह में पहुंचीं और कतार में अपनी बारी का इंतजार करती रहीं। आयोजन स्थल पर रक्षाबंधन की पारंपरिक आत्मीयता और उत्सव का माहौल देखने को मिला.

करीब पांच घंटे तक चले इस आयोजन में 10 हजार से अधिक महिलाओं द्वारा मंत्री को राखी बांधना “बहिनी संग राखी तिहार” की व्यापकता और क्षेत्र की बहनों के बीच मंत्री लखनलाल देवांगन के प्रति स्नेह को दर्शाता है। मंत्री ने भी सभी बहनों को प्रणाम कर उनके स्नेह और आशीर्वाद को स्वीकार किया। आयोजन के समापन के बाद भी बड़ी संख्या में महिलाएं मंत्री को राखी बांधने के लिए पहुंचती रहीं। कुल मिलाकर रक्षाबंधन का यह आयोजन कोरबा में भाई-बहन के स्नेह और सामाजिक सहभागिता का एक बड़ा अवसर बन गया.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here